खरसावां ब्लू बेल्स स्कूल स्थापना दिवस की मनाई रजत
जंयती, रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति बच्चों ने लोगों का मन मोहा, 25
वर्षों की यात्रा स्कूल के लिए गर्व का विषय
Kharsawan
खरसावां के ब्लू बेल्स इंग्लिश स्कूल स्थापना दिवस पर रजत जंयती मनाई गई। स्कूल के 25 वां वर्ष पूरे होने पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान स्कूल के पुराने शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने रंग बिरंगी परिधानों एवं मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सांस्कृतिक कार्यक्रम काफी सहनीय एवं उत्साहवर्धन रहा।

विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक आकर्षक नृत्य व संगीत की प्रस्तुति कर लोगों का मन मोहा एवं दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन खरसावां विधानसभा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि छोटराय किस्कू, डीएसए के सचिव मो दिलदार, ब्लू बेल्स इंग्लिश स्कूल के प्रिंसिपल डोमनिक राज, अनूप सिंहदेव दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान विद्यार्थियों में बूंद बूंद मिल के बने लहर और लहर, लहर लहर मिलकर बने सागर और सागर…, मै कभी बतलाता नही, पर अंधेरे से डरता हू मा…, हाय रे हमर सोना झारखंड…, चक धूम धमू, चक धूम धमू,…, संदेशे आते है हमें तड़पाते है…, कश्मीर मै, तू कन्याकुमारी…, तेरी मिट्टी में मिल जावां…, जीवन के दिन छोटे सही, हम भी बड़े दिलवाले…, हर तरफ हर जगह हर कहीं पे है…, वेलकम डांस, संबलपुरी नृत्य एवं आदिवासी नृत्य व संगीत प्रस्तुति देकर लोगों की वाह वाही लूटी।

मौके पर श्री किस्कू ने कहा कि संस्थान ने शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। 25 वर्षों की यात्रा स्कूल के लिए गर्व का विषय है और आने वाले समय में विद्यालय शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। जबकि श्री दिलदार ने कहा कि जीवन की सफलता में ज्ञान अति आवश्यक है। कोई भी ऐसा मनुष्य नहीं है जिसने बगैर ज्ञान के अपने लक्ष्य को प्राप्त किया हो।

हालांकि ज्ञान सिर्फ लक्ष्य प्राप्ति के लिए नहीं बल्कि जीवन में आने वाले सुखों और दुरूखों से उभरने के लिए काम आता है। शिक्षा के साथ अन्य विधाओं में भी बच्चों का विकास जरूरी है। वही डोमनिक राज ने कहा कि लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अनुशासन के साथ लगन और मेहनत बहुत जरूरी है। असफलता से निराश नहीं होना है, बल्कि लगातार प्रयास से निश्चित रूप से सफलता मिलती है। हर बच्चे में अलग-अलग प्रतिभाएं होती हैं। जरूरत उनको मंच प्रदान करने की और उनकी प्रतिभाओं को आकार देने के लिए स्कूल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जबकि सिंहदेव ने कहा कि शिक्षा के बिना मानव जीवन का कोई महत्व नहीं है। शिक्षा किसी भी वस्तु या परिस्थिति को आसानी से समझने, किसी भी तरह की समस्या से निपटने और जीवन भर विभिन्न आयामों में संतुलन बनाए रखने में मदद करती है। इस दौरान मुख्य रूप से सांसद प्रतिनिधि छोटराय किस्कू, डीएसए सचिव मो दिलदार, स्कूल के प्रिंसिपल डोमनिक राज, अनूप सिंहदेव, मोसाहिद खान, अल्का महान्ती, मधुमिता पटनायक, देवाशीष साहू आदि शिक्षकगण व अभिभावक मौजूद थे।
