खरसावां प्रखंड स्तरीय आईसीटी चैम्पियनशिप ई-शिक्षा महोत्सव आयोजित, विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु किया पुरस्कृत, ग्रामीण इलाकों के स्कूलों तक ई-शिक्षा और डिजिटल प्रशिक्षण को पहुंचाना उद्देश्य,
Kharsawan
झारखंड के विभिन्न हाई स्कूलों में राज्य सरकार द्वारा आयोजित आईसीटी चैंपियन झारखंड ई-शिक्षा महोत्सव 2025 का आयोजन जोर-शोर से चल रहा है। इसी कड़ी में मॉडल स्कूल खरसावां में आईसीटी चैंपियनशिप का सफल आयोजन किया गया, जिसमें कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। डिजिटल क्रांति के इस युग में राज्य सरकार का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों के स्कूलों तक ई-शिक्षा और डिजिटल प्रशिक्षण को पहुंचाना है। इसके तहत विद्यार्थियों को ऑनलाइन कंप्यूटर परीक्षा आयोजित कर डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा दिया जा रहा है।

यह परीक्षा विद्यालय स्तर, प्रखंड स्तर, जिला स्तर एवं राज्य स्तर पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को आकर्षक पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किये जाएंगे। इस अवसर पर उत्क्रमित उच्च विद्यालय बुरुडीह, प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल खरसावां तथा मॉडल स्कूल खरसावां के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम में मॉडल स्कूल की रूबी महतो, अभिप्रिया पानि, बाबूराम, समा परवीन, तूफान महतो, बादल मुंडरी, भवेश महतो, सागरिका मंडल, संध्या गोस्वामी, लक्ष्मी तांती, झरना मंडल, तनीषा कुमारी, सागर पुष्टि और निरंजन महतो, प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल खरसावां के रोशनी, सीमा, बबीता, अनीता, लक्ष्मी, सोनम, सदफ, युसरा रहमान, लक्ष्मी जंको, दिशा, सोनिया, सविता, गुरुवारी और पायल, उत्क्रमित उच्च विद्यालय बुरुडीह के हरेकृष्णा प्रमाणिक, खुशी साहू, सोनाली साहू और सुमित हेंब्रम सहित अन्य विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु पुरस्कृत किया गया। तीनों विद्यालयों के विभिन्न विद्यार्थियों ने अपने प्रतिभा का परिचय देते हुए जिला स्तरीय चैंपियनशिप में भाग लेने का अवसर प्राप्त किया। जहां उन्हें मेडल व प्रमाण पत्र प्रदान दिए गए। कार्यक्रम के मुख्य जिला संयोजक सोनू सामल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम में शिक्षक जीडी महन्त एवं शिक्षिका शशिबाला बागे द्वारा पुरस्कार वितरण किया गया। यह ई-शिक्षा महोत्सव 6 नवंबर से 8 नवंबर 2025 तक निरंतर आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम को सफल बनाने में आईसीटी प्रशिक्षक बासंती महतो, सुनीता महतो, पूजा प्रधान एवं युधिष्ठिर पान का सराहनीय योगदान रहा।
