खरसावां में तीन विद्यालयों का सामाजिक अंकेक्षण में
एमडीएम सहित 11 मामलो का ऑन द स्पोट किया निष्पादन,
पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना उदेश्य-बीडीओ,
kharsawan
खरसावां प्रखंड संसाधन केन्द्र में शुक्रवार को प्रखंड स्तरीय सामाजिक अंकेक्षण किया गया। प्रखंड बिकास पदाधिकारी प्रधान माझी की अध्यक्षता में आयोजित नव प्राथमिक विद्यालय हैसाडीह, उत्क्रमित मध्य विद्यालय तेलाईडीह और उत्क्रमित मध्य विद्यालय रिडिंगदा का जनसुनवाई हुआ। इस दौरान मध्यान भोजन योजना के 3 और सर्व शिक्षा अभियान के 11 सहित 14 मामलों की समीक्षा हुई। इस दौरान विद्यालयों ने आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत किए। जिसके कारण ऑन द स्पोट सभी मामलों का निष्पादन किया गया।

मौके पर श्री माझी ने कहा कि स्कूलों में सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं व सेवाओं के कार्यान्वयन की पारदर्शिता, गुणवत्ता और प्रभावशीलता का मूल्यांकन करना है। जिससे सार्वजनिक जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। इसके अन्य उद्देश्यों में लोगों की भागीदारी बढ़ाना, नियमों का पालन सुनिश्चित करना और स्कूल से संबंधित नीतियों व कार्यक्रमों को समुदाय की ज़रूरतों के अनुसार बेहतर बनाना शामिल है। उन्होने कहा कि यह सुनिश्चित करना कि स्कूल और संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को समझें और सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं, जैसे मिड-डे मील या समग्र शिक्षा अभियान, को ईमानदारी और सही तरीके से लागू करें। स्कूल द्वारा दी जा रही शिक्षा, सुविधाओं और कार्यक्रमों की गुणवत्ता की जांच करना और यह देखना कि वे समाज की अपेक्षाओं और निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। बीडीओ ने कहा कि समुदाय, अभिभावकों और स्थानीय लोगों को स्कूल प्रबंधन और नीतियों में शामिल करना, ताकि उन्हें अपनी भूमिका और अधिकारों का पता चल सके और वे सुशासन प्रक्रिया में सक्रिय रूप से योगदान कर सकें। साथ ही यह सुनिश्चित करना कि योजनाओं के तहत मिलने वाली सुविधाएं और सामग्री सही ढंग से और सही लाभार्थियों तक पहुंच रही है या नहीं। यह जांच करना कि कहीं सरकारी धन और संसाधनों का दुरुपयोग या गबन तो नहीं हो रहा है, जिससे योजनाओं की सार्थकता बनी रहे। इस दौरान मुख्य रूप से प्रमुख मनेन्द्र जामुदा, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी नवल किशोर सिंह, सोशल ऑडिट टीम में बीपीओ सोनामनी महतो, कमला महतो, बीपीओ पंज कुमार महतो, स्वंय सहायता समूह से आशा सोराक आदि उपस्थित थे।
