खरसावां के सोना सिंचाई नहर लगे कचरे के ढेर
से खुला स्वच्छता अभियान की पोल, होटलों का झूठा प्लेट,
कटोरा, शराब और पानी की बोतलों से भरा नहर,
kharsawan
खरसावां-कुचाई मुख्य सड़क के किनारे से गुजरनें वाली सोना सिंचाई नहर में फैली गंदगी स्वच्छता अभियान की पोल खोल रहे हैं। स्वच्छता अभियान को लेकर तो खरसावां पंचायत, सिंचाई विभाग और न ही स्थानीय लोग गंभीर हैं। हालत यह है कि सोना सिंचाई नहर पर होटलों का झूठा थर्मल प्लेट, कटोरा, शराब और पानी की प्लास्टिक बोतल सहित कई दुकानों का कचड़ा नहर में फैका जा रहा है। जिससें बरसात के दिनों में नहर का पानी प्रदूषित हो जाता है। साथ ही साथ नहर में जगह-जगह जम्मंे कचरे के ढेर सारे इंतजामों की पोल खोल रहे हैं।

कुचाई केरकेटा डेम से निकलनें हुए सोना सिंचाई नहर खरसावां चांदनी चौक से गुजरी है। चांदनी चौक के खाना होटलो, नास्ता ठेला, चाय ठेला सहित विभिन्न्ा दुकानों ने निकलने वाली होटलों का झूठा थर्मल प्लेट, कटोरा, शराब और पानी की प्लास्टिक बोतल, पाय का कप आदि गंदगी नहर में प्रतिदिन फैका जा रहा है। बरसात के दिनों में नहर के पानी के बहाव से यह गंदगी खरसावां के कदमडीहा गांव में जगह-जगह जमा हो जाता है। इस जमा गंदगी को लेकर कोई भी सरकारी विभाग, नहर विभाग संजीदा नहीं दिख रहा है। नतीजतन जगह-जगह फैली गंदगी बीमारियों को न्योता दे रही है। लोग चाहते हैं कि विशेष स्वच्छता अभियान चलाते हुए कुछ ऐसी व्यवस्था बनाए कि कचरा खुले में डालने की जरूरत ही न पड़े और प्रधानमंत्री के जन-जन को जगाने के प्रयास फलीभूत हों और हर घर से स्वच्छता की शुरुआत हो।

खरसावां को कहा जा सकता कचरे का शहर,
यह सही है कि खरसावां को कचरे का शहर कहा जा सकता है, क्योंकि यहां कचरा प्रबंधन की समस्या गंभीर है। नहर पर कचरा फेकना, जगह जगह पर कचरा बिखरा हुआ दिखाई देना, नालियों का कचरे से भरा होना और खुले में कचरा जलाना, ये सभी चीजें इस खरसावां को कचरे के शहर के रूप में दर्शाती हैं।
सिंचाई नहर में कचरा और गंदगी जमा होना गंभीर समस्या
खरसावां सिंचाई नहर में कचरा और गंदगी जमा होना एक गंभीर समस्या है, जिससे पानी की उपलब्धता और गुणवत्ता दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इससे न केवल सिंचाई बाधित होती है, बल्कि यह स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी पैदा कर सकता है।
नहर को बना कूड़ादान
सबसे बड़ी नहर है, जो खरसावां चौक से होकर गुजरती है। नहर में पानी नहीं चलने से जगह-जगह नहर कूड़े व गंदगी से पट गई है। साफ-सफाई करने के बजाय गंदगी नहर में फेंक दी जाती है। हालत यह है कि नहर को कूड़ादान बना दिया गया है। सिंचाई महकमा तो क्या लोग भी इस ओर मुंह फेरे हुए हैं। नतीजा स्थानीय वाशिंदों का जीना दूभर हो गया है।

गंदगी फेंक कर नहर को बनाया जा रहा कूड़ादान-बिरसा
वृहद झारखंड मोर्चा के केन्द्रीय अध्यक्ष बिरसा सोय ने कहा कि सोना सिचाई कुचाई की सबसे बड़ी नहर है, जो खरसावां चांदनी चौक से होकर गुजरती है। नहर में पानी नहीं चलने से जगह-जगह नहर कूड़े व गंदगी से पट गई है। साफ-सफाई करने के बजाय गंदगी नहर में फेंक दी जाती है। हालत यह है कि नहर को कूड़ादान बना दिया गया है। सिंचाई महकमा तो क्या लोग भी इस ओर मुंह फेरे हुए हैं। नतीजा स्थानीय लोगों का जीना दूभर हो गया है।
