सरायकेला मे उत्कलीय पुरोहित समाज का महासम्मेलन सह वनभोज हर्षोल्लास के साथ संपन्न,
Seraikela
सरायकेला। उत्कलीय पुरोहित समाज का महासम्मेलन सह वनभोज कार्यक्रम शनिवार को कुदरसाई स्थित शिव मंदिर परिसर में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पुरोहित समाज के लोग एकत्रित हुए। महासम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज को संगठित करना, उसकी सामाजिक भूमिका को सशक्त बनाना तथा भविष्य की दिशा तय करना रहा।
सम्मेलन में सर्वसम्मति से उत्कलीय पुरोहित समाज को विधिवत पंजीकृत कराने का निर्णय लिया गया, ताकि समाज को एक सशक्त और संगठित पहचान मिल सके। कार्यक्रम में आगंतुक अतिथि के रूप में सरायकेला के विधायक चंपई सोरेन के प्रतिनिधि सनंद आचार्य उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी समाज की मजबूती संगठन और स्पष्ट संविधान से आती है। उन्होंने पुरोहित समाज से एक लिखित संविधान तैयार करने, नियम-कानून निर्धारित करने और सामूहिक रूप से आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ पुरोहित सानू सड़ंगी ने समाज के सदस्यों को अनुशासन, नियम और परंपराओं के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि पुरोहित समाज न केवल धार्मिक कर्मकांडों से जुड़ा है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों का भी संवाहक है, इसलिए सभी को मर्यादा और नियमों के दायरे में रहकर कार्य करना चाहिए।
महासम्मेलन में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए यह भी तय किया गया कि आगामी जनवरी माह से नगर क्षेत्र में संस्कार केंद्र की शुरुआत की जाएगी, जहां धार्मिक संस्कारों के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों की शिक्षा दी जाएगी। इस अवसर पर पुरोहित समाज के अध्यक्ष घासीराम सतपति, सचिव नीलकंठ सारंगी, कोषाध्यक्ष पुलक सतपति सहित किशोर सारंगी, नवकुमार रथ, प्रशांत कवि, तपन दास, अर्जुन महापात्र, विजय महापात्र, श्यामा पानी, कुश पति, पद्मलोचन, संजय पति सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
