353.04 करोड़ की लागत से खरसावां के आमदा स्थित 500 बेड निर्माणधीन अस्पताल का निर्माण कार्य होगा पूर्ण,
Kharsawan
खरसावां के आमदा स्थित 500 बेड निर्माणधीन अस्पताल का निर्माण कार्य 353.04 करोड़ की लागत से पूर्ण होगा। यह मामला झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र विधायक दशरथ गागराई के द्वारा पुनः मुद्दा उठाया। विधायक ने सदन में मामला को उठाते हुए कहा कि सरायकेला-खरसांवा जिला के आमदा में विगम 12 वर्षों से निर्माणाधीन 500 बेड वाले अस्पताल का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करावे। जिस पर सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए जवाब दिया कि खरसावां के आमदा में निर्माणाधीन 500 शैय्यावाले अस्पताल भवन के नक्शा, डिजाईन के आधार पर खरसावाँ में 500 शैय्यावाले अस्पताल भवन निर्माण हेतु कुल 153.96 करोड़ रूपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। कार्य की गति धीमी रहने के कारण संवेदक एनबीसीसी लिमिटेड, नई दिल्ली के साथ किये गए एकरारनामा को बंद कर कार्यों की मापी लेने का कार्य झारखण्ड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड, राँची द्वारा प्रक्रियाधीन है। झारखण्ड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा पुनः योजना हेतु कुल 353.04 करोड़ रूपए का प्राक्कलन उपलब्ध कराया गया है, जो कि मूल स्वीकृत प्राक्कलित राशि 153.96 करोड़ रूपए से काफी अधिक है। वर्तमान में विषय-वस्तु की समीक्षा कर उक्त निर्माणाधीन 500 शय्यावाले अस्पताल सहित मेडिकल कॉलेज का निर्माण एवं संचालन भारत सरकार के पीपीपी मोड के तहत वीजीएफ योजना पर संचालित करने पर विचार किया जा रहा है।
आमदा के 500 बेड वाले अस्पताल का निर्माण कार्य, करोड़ों की राशि हो चुकी है खर्च
खरसावां जिले के आमदा में 500 बेड के अस्पताल का निर्माण कार्य आज 12 साल बाद भी अधूरा पड़ा हुआ है। 13 साल पूरा होने के कगार पर है। वर्तमान में अस्पताल का केवल भवन का स्ट्रक्चर ही खड़ा हुआ है। अस्पताल का निर्माण डूंगरीनूमा टीला में किया जा रहा था। इस कारण भी अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू करने में देरी हुई। तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने 12 नवंबर 2011 में 500 बेड के अस्पताल का शिलान्यास किया था।

अस्पताल निर्माण के लिए 153.96 करोड़ की राशि हुई थी स्वीकृत
मिली जानकारी के अनुसार 25 फरवरी 2011 में मंत्री परिषद की बैठक में खरसावां के आमदा में 500 बेड वाले अस्पताल के निर्माण के लिए कुल 153.96 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी। इसके लिए नयी दिल्ली की एनबीसीसी लिमिटेड के साथ इकरारनामा किया गया। स्वीकृत राशि में से अधिकांश राशि की निकासी कर ली गयी है। एकरारनामा के अनुसार अस्पताल का निर्माण कार्य 26 फरवरी 2014 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन अब भी अधूरा पड़ा हुआ है।

करोड़ों खर्च होने के बाद अतिरिक्त राशि की दरकार
अस्पताल भवन का निर्माण कार्य विगत दो सालों से भी अधिक समय से बंद पड़ा हुआ है। इसी बीच झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा निर्माण कार्य को पूरा करने के साथ-साथ अन्य आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए 353.04 करोड़ रुपये का प्राक्कलन तैयार कर सरकार के पास भेजा गया था। यह मूल स्वीकृत प्राक्कलन राशि 153.96 करोड़ से काफी अधिक है।
कई बार विधानसभा में उठ चुका है मामला
इस 500 बेड के अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा कराने के प्रति स्थानीय विधायक दशरथ गागराई भी काफी मुखर रहे है। उन्होंने विगत एक दशक से लगातार इस मामले को विस में उठाया है। झारखंड विधानसभा के वर्तमान शीतकालीन सत्र में भी विधायक ने इस मामले को विस उठाते हुए सरकार से जल्द से जल्द अस्पताल भवन का निर्माण कार्य पूर्ण कराने का आग्रह किया।
25 एकड़ में फैला है अस्पताल कैंपस
भविष्य में इस अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में उत्क्रमित करने की योजना है। लेकिन, यह योजना पूरी नहीं हो पायी है। खरसावां के आमदा में निर्माणाधीन अस्पताल का कैंपस करीब 25 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। निर्माणाधीन हॉस्पिटल भवन में क्लीनीकल ब्लॉक व ओपीडी 8-8 फ्लोर का है। वार्ड बिल्डिंग में 11 फ्लोर बनाया जा रहा है। 1.25 लाख वर्गफीट में पूरा बिल्डिंग बनाया जा रहा है। अब तो पिछले दो वर्षों से निर्माण कार्य ठप रहने के कारण भवन के सामाग्री भी खराब होने लगे है।
