खरसावां : शहीदों की होगी पहचान, अगले वर्ष वंशजों को मिलेगा सम्मान : मुख्यमंत्री,-शहीदों के परिवार की पहचान के लिए गठित होगा विशेष आयोग-रिटायर्ड जज, जनप्रतिनिधि तथा सामाजिक कार्यकर्ता होंगे शामिल
Kharsawan
खरसावां, संवाददाता। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि गुवा के शहीदों की तरह खरसावां के वीर सपूतों को भी सम्मान दिया जायेगा। वंशजों की पहचान के लिए विशेष आयोग का गठन होगा। इसमें रिटायर्ड जज, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे। आयोग सभी दस्तावेज, ऐतिहासिक अभिलेख और स्थानीय परंपराओं के आधार पर पहचान करेगा। इसके बाद अगले वर्ष इसी मंच पर सभी को सम्मान दिया जायेगा।

सोरेन गुरुवार को खरसावां गोलीकांड के शहीदों को नमन करने के बाद श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य उन परिवारों को उचित सम्मान, मान्यता और आर्थिक सहायता सुनिश्चित करना है, जिन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर किए।
मुख्यमंत्री ने इसे राज्य सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि हमारा यह नैतिक दायित्व है कि जिनकी कुर्बानी से झारखंड की अस्मिता और स्वतंत्र पहचान बची, उनके वंशजों को गर्व और सम्मान के साथ जीने का अवसर मिले। आगामी वर्ष तक सभी शहीद परिवारों की शिनाख्त कर समारोहपूर्वक सम्मानित किया जाएगा।

शहीदों को सम्मान मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष :
उन्होंने कहा कि यह पहल केवल श्रद्धांजलि मात्र नहीं, बल्कि एक इतिहास-संरक्षण अभियान है। इस अभियान से युवा पीढ़ी को अपने पूर्वजों के संघर्ष और बलिदान की जानकारी मिलेगी। उनमें राज्य के प्रति आत्मसम्मान की भावना प्रबल होगी। राज्य सरकार ने पहले भी स्वतंत्रता सेनानियों, आंदोलनकारियों एवं शहीदों के परिजनों के कल्याण के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। अब खरसावां के वीरों के प्रति यह संवेदनशील कदम झारखंड की पहचान को और सशक्त करेगा। उन्होंने कहा कि हमारा संघर्ष जीवित रहेगा, जब तक कि हर शहीद के परिवार को सम्मान नहीं मिल जाता है।

शहादत से भरी है झारखंड की मिट्टी :
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की मिट्टी शहादत की गाथाओं से भरी है। जितना समृद्ध इतिहास हमारे राज्य का है, उतना किसी अन्य प्रदेश का नहीं। हम लड़े हैं, तभी बचे हैं। हमारे वीर सपूतों ने कभी हार नहीं मानी।
इससे पूर्व उन्होंने शहीद स्मारक (शहीद वेदी) तथा वीर शहीद केरसे मुंडा चौक स्थित शहीद स्मृति-चिह्न पर श्रद्धांजलि अर्पित कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

पेसा कानून से सशक्त होगा ग्राम स्वराज :
राज्य सरकार ने झारखंड में पेसा कानून को लागू कर दिया है। अब ग्रामसभा और ग्राम पंचायतों के माध्यम से ग्रामीणों को उनके अधिकार प्राप्त होंगे। यह कानून हमारे जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा का आधार है। इसके माध्यम से ग्रामीण अपने संसाधनों पर स्वयं निर्णय ले सकेंगे और स्वशासन की भावना सशक्त होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरकार का प्रयास रहेगा कि पेसा अधिनियम से संबंधित जानकारी प्रत्येक गांव तक पहुंचे। इसके लिए राज्यभर में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पेसा कानून हमारे पूर्वजों के संघर्ष और अधिकार भावना का प्रतीक है, जो ग्राम स्वराज के वास्तविक स्वरूप को साकार करेगा।

झारखंड का 25वां वर्ष, नए विकास और सशक्तीकरण का प्रतीक :
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड राज्य बने 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं। अब यह युवा झारखंड विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। हमारा संकल्प है कि आने वाले वर्षों में झारखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना के तहत छात्र 15 लाख रुपये तक का ऋण 4 प्रतिशत ब्याज दर पर लेकर पढ़ाई कर सकते हैं, जिसकी वापसी नौकरी लगने के बाद ही करनी होगी। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना को महिला सशक्तीकरण की मिसाल बताते हुए कहा कि इससे राज्य की बेटियां शिक्षित, आत्मनिर्भर और समाज में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने युवाओं से शहीदों के आदर्शों पर चलकर झारखंड के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
आदिवासियों के पथ प्रदर्शक बाबा शिबू सोरेन को विनम्र नमन
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारे बीच झारखंड आंदोलन के दिशा-निर्देशक, हमारे बाबा, हमारे पथ प्रदर्शक गुरुजी शिबू सोरेन नहीं हैं। हमने एक ऐसा वृक्ष खो दिया, जिसकी छांव में राज्य के आदिवासी और मूलवासी समाज ने अपना मार्ग पाया। गुरुजी हमारे लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगे। उन्होंने कहा कि झारखंड के हर आंदोलनकारी, हर आदिवासी, हर ग्रामीण के दिल में गुरुजी का स्थान अमिट है। झारखंड की राजनीति में मानवीयता, सरलता और संघर्षशीलता की मिसाल कायम की। गुरुजी केवल एक व्यक्ति नहीं, एक विचारधारा हैं, जो न्याय, समानता और आत्मसम्मान की राह दिखाती है।” उन्होंने आगे कहा कि गुरुजी के सान्निध्य में झारखंड के आदिवासी समाज ने अपनी पहचान को पहचाना और उसे संविधान के दायरे में दर्ज कराया। उनका संघर्ष ही हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
इन्होंने दी श्रद्धांजलि :
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ मंत्री दीपक बिरुवा, सिंहभूम सांसद जोबा मांझी, खरसावां विधायक दशरथ गगराई, चक्रधरपुर विधायक सुखराम उरांव, ईचागढ़ विधायक सविता महतो, मनोहरपुर विधायक जगत मांझी तथा पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू समेत अन्य जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर वीरों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं, जिले के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक मुकेश लुणायत व सभी विभागों के पदाधिकारी तथा हजारों की संख्या में स्थानीय लोगों ने उपस्थित होकर शहीदों को नमन किया।
