कुचाई के कोपलोंग में मना वनाधिकार बोर्ड गाड़ी का स्थापना दिवस, जीविकोपार्जन हेतु जंगल संरक्षण का लिया संक्लप, अमृत रुपी वातावरण को संरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी-भरत सिंह मुंडा
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कुचाई के कोपलोंग चौक में ग्राम सभा एवं सामुदायिक वन पालन समिति भुरकुडां के सौज्नय से वनाधिकार बोर्ड गाड़ी का 9 वां स्थापना दिवस मनाया गया। स्थापना दिवस पर देवरी ने वन देवता की पूजा-अर्चना किया। साथ ही पारम्परिक रीति रिवाज के तहत वनाश्रितों ने अन्तरात्मा से वन देवता को स्मरण करते हुए जीविकोपार्जन के लिए सामूहिक जंगल का सरक्षंण करने का संक्लप लिया।

वही दर्जनों वनाश्रित महिला पुरुष ने जंगल के किनारे-किनारे पारंपरिक गाजे-बाजे के साथ पत्थरगाड़ी स्थल पहुचे। मौके पर वनाधिकार विधायक प्रतिनिधि भरत सिंह मुंडा ने कहा कि वातावरण में उपलब्ध घने पेड़-पौधे, स्वच्छ जलवायु और सभी जीवों के संतुलित परिस्थिति को ही पर्यावरण कहते हैं। इस अमृत रुपी वातावरण को संरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होने कहा कि पिछले 2-3 साल से जलवायु में काफी बदलाव हुआ है जिसके कारण असमय पर बर्षा हो रही है। गर्मी बहुत तेजी के साथ बड़ रहा है। जल नीचे की ओर जा रही है। पानी का स्त्रोत सुख रहे हैं। वन्यजीव घटते ज़ा रहे हैं। समय पर खेती-बारी हो नहीं पा रही है। वनोपज कम हो रही है। जंगल का घनत्व में कमी हो गई है। वनाश्रितों की आय में कमी आई है। स्वास्थ्य में गिरावट आई है। श्री मुंडा ने कहा कि जंगलो के अधिक कटाई करने, प्रदुषणयुक्त औधोगिक प्रतिष्ठानों का वन तथा गैर वन भूमियों पर स्थापित करना, वन भूमियों को विनाशकारी परियोजनाओं के लिए स्वीकृति देना, अधिक उर्जा उत्पादन करना, जंगल के प्रति वन विभाग का व्यवहार सकारात्मक न होना, बेकारयुक्त पौधों का रोपण करना, पाठ्यक्रमों में जंगल मुद्दा को विशेष स्थान न देना इत्यादि कारण है। इस भयावह स्थिति को रोकने के लिए हम वनाश्रितों को भी आगे आना होगा। साथ ही जंगल की कटाई पर प्रतिबंध लगना होगा, हर साल खाली पड़े वन भूमियों पर वृक्षारोपण करना है, विनाशकारी परियोजनाओं को ग्राम सभा में स्वीकृति नहीं देना है, जंगल में आग नहीं लगाना है, वन्यजीव के शिकार करने पर प्रतिबंध लगना होगा, बेकारयुक्त पौधों के रोपण पर प्रतिबंध लगना होगा, वन भूमियों पर योजनाओं के लिए अनुमति नहीं देना है, उपयुक्त गतिविधि के लिए सरकार को समय-समय पर ज्ञापन देकर ध्यानाकृष्ट करना होगा। इस दौरान मुख्य रूप से विधायक प्रतिनिधि भरत सिंह मुंडा, रोहित गोप, पारंपरिक मुंडा भरत सिंह मुंडा, लाबुराम मुंडा, रामचंद्र मुंडा, दिगेंद्र हेम्ब्रम, डुबराय हेम्ब्रम, कैलाश मुंडारी, जामुन मुंडा, फागु पाडेया, जगाय सोय, आमेन्दर हेम्ब्रम, दुर्गा चरण हांसदा, जितेंद्र हांसदा आदि ग्राम सभा के वनाश्रित उपस्थित थे।
