सरायकेला बार के वरीय अधिवक्ता के निधन
पर शोक सभा, दिवंगत आत्मा की शांति हेतु दो
मिनट का मौन रख कर की प्रार्थना
seraikella सरायकेला बार एसोसिएशन के वरीय अधिवक्ता गोलक बिहारी कवि के आकस्मिक निधन पर मंगलवार को बार भवन में एक शोक सभा का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता बार के अध्यक्ष प्रभात कुमार द्वारा किया गया। दिवंगत आत्मा की शांति हेतु दो मिनट का मौन रख कर प्रार्थना किया गया।

साथ ही सभी अधिवक्ताओं ने आज कलम बंद रखा जिसके तहत न्यायिक एवं अन्य संबंधित कार्यों से अधिवक्ताओं ने अपने को दूर रखा। मिली जानकारी के अनुसार चांडिल अनुमंडलीय बार में भी अधिवक्ताओं ने शोक मनाते हुए कलमबंद रखा। स्व कवि लगभग 91 वर्ष के थे, वे अपनी मिलनसारिता, हंसमुख तथा सरल स्वभाव के कारण अधिवक्ता सहित न्यायिक अधिकारियों तथा आम जनों के मध्य जाने जाते थे। वह इतिहास शास्त्र में मास्टर डिग्री तथा एवं.एल.बी. डिग्री प्राप्त करने के बाद उन्होंने एक शिक्षक के रूप में इचागढ़ हाई स्कूल तथा खरसावां हाई स्कूल में अपना योगदान दिए थे,उसके उपरांत उन्होंने 1968 में जिला अधिवक्ता संघ सरायकेला में एक अधिवक्ता के रूप में योगदान देते हुए न्याय कार्यों में अपना बहुमूल्य समय दिए।
आज के इस अवसर पर जिला अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष के.न .अग्रवाल, सहसचिव जलेश कवि, कोषाध्यक्ष लखींद्र नायक, सह कसाध्यक्ष दुर्गा चरण जोंको, वरीय अधिवक्ता के.पी. दुबे , आशीष पात्रों, दिनेश राय, आत्माराम महतो, जीवानंद पांडा, निर्मल आचार्य, शंकर प्रसाद सिंह देव,आशीष सारंगी, प्रमोद ज्योतिषी, सुनील सिंह देव, सूरज पूर्ति,अनिल सारंगी, प्रणब सिंह देव, संजीव पति, सहदेव महतो, कार्यकारणी सदस्य लोकनाथ केसरी, प्रदीप तेंदू रथ, सरोज महाराणा ,सुखमति हेस्सा, रजत पटनायक आदि अन्य अधिवक्ता उपस्थित थे।
