केद्रीय रेशम बोर्ड द्वारा चाईबासा में तसर बीज उत्पादन पर कार्यशाला का आयोजन, जनजातीय आजीविका सुदृढ़ करने में युवाओं की भूमिका पर जोर
Chaibasa
चाईबासा, 13 मार्च 2026। केंद्रीय रेशम बोर्ड, वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा चाईबासा में “तसर बीज उत्पादन में नवीन प्रगति एवं भावी रणनीतियाँ: जनजातीय सशक्तिकरण एवं युवा सहभागिता” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सहायक उद्योग निदेशक कार्यालय, चाईबासा (जिला पश्चिम सिंहभूम, झारखंड) में आयोजित हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि श्री आदित्य नारायण, वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO), चाईबासा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, वैज्ञानिक, किसान एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन सीएसबी-बीटीएसएसओ – बेसिक सीड मल्टीप्लिकेशन एंड ट्रेनिंग सेंटर (BSMTC), खरसावां के तत्वावधान में किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। डॉ. जय प्रकाश पाण्डेय, वैज्ञानिक-डी, केंद्रीय रेशम बोर्ड ने स्वागत भाषण देते हुए तसर बीज उत्पादन में नवीन वैज्ञानिक प्रगति एवं भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत जानकारी दी।

कार्यक्रम में श्री प्रदीप कुमार महतो, पायलट प्रोजेक्ट अधिकारी, पीपीसी चाईबासा ने झारखंड में तसर रेशम कीट पालन की संभावनाओं पर प्रकाश डाला, जबकि श्री नितीश कुमार, पायलट प्रोजेक्ट अधिकारी, पीपीसी खरसावां ने कोल्हान क्षेत्र की पर्यावरणीय परिस्थितियों एवं तसर पालन में उनकी भूमिका पर अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्री रविशंकर प्रसाद, सहायक उद्योग निदेशक (ADI), चाईबासा ने तसर आधारित आजीविका को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न विभागों के बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री आदित्य नारायण, वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO), चाईबासा ने जनजातीय समुदाय की आजीविका विकास में तसर संस्कृति की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए युवाओं की बढ़ती सहभागिता को इस क्षेत्र के विकास के लिए अत्यंत सकारात्मक बताया।
तकनीकी सत्र में डॉ. जय प्रकाश पाण्डेय तथा श्री प्रदीप गुलाबराव डुकरे, वैज्ञानिक-बी, BSMTC खरसावां ने तसर बीज उत्पादन की उन्नत तकनीकों एवं सफल बीज फसल उत्पादन के प्रमुख कारकों पर विस्तृत जानकारी दी।
कार्यशाला में कुल 98 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें किसान, तसर कीटपालक, शोधकर्ता, पायलट प्रोजेक्ट अधिकारी (PPO), वैज्ञानिक, तकनीकी कर्मचारी तथा झारखंड तसर तकनीकी विकास संस्थान के प्राचार्य एवं विद्यार्थी शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के साथ संवाद एवं अनुभव साझा करने के साथ-साथ व्यावहारिक जानकारी के लिए क्षेत्र भ्रमण भी कराया गया।
कार्यक्रम के अंत में श्री प्रदीप गुलाबराव डुकरे, वैज्ञानिक-बी, BSMTC खरसावां द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया
