खरसावां के निर्माणाधीन 500 बेडेड अस्पताल के
353.04 करोड का पुनरीक्षित प्राक्कलन तैयार कर सरकार के पास भेजने पर अस्पताल के पूर्ण होने की जगी ”उम्मीद”
kharsawan खरसावां के आमदा में करीब 153.96 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन पांच सौ बेडेड अस्पताल की नींव डालकर स्वास्थय के क्षेत्र में अच्छी पहल तो की गई परन्तु इसका पूरा होने का इंतजार है। अलग अलग कारणों से अस्पताल का निर्माण समय पर पूर्ण नहीं हो सका है। स्वास्थ विभाग सौ बेडेड अस्पताल को पूरा करवाने के लिए 353.04 करोड रुपये का पुनरीक्षित प्राक्कलन तैयार कर सरकार के पास भेजा गया है। जिसका प्रशासनिक स्वीकृति मिलने का इंतजार है। झारखंड विधानसभा में मामला उठाने पर झारखंड सरकार ने इसे पूरा कराने का आश्वासन दिया है।

साथ ही इससे पूर्ण कर जनता को समर्पित करने का आश्वासन दिया गया है। जिससे खरसावां के लोगों में निर्माणाधीन पांच सौ बेडेड अस्पताल का निर्माण कार्य पुनः शुरू होने की उम्मीद जगी है। लगभग 13 वषो पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक परिकल्पना कर इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरूआत किया था। लेकिन आज भी अस्पताल का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। अब तक अस्पताल का निर्माण कार्य 60 फीसदी भी पूरा नहीं हो पाया है।

अबतक सिर्फ अस्पताल भवन का स्ट्रक्चर ही खडा हुआ है। इस बहुमंजिली इमारत की फिनिशिंग बाकी है। जानकारी के मुताबिक, 25 फरवरी 2011 में मंत्री परिषद की बैठक में खरसावां के आमदा में 500 शैय्या वाले अस्पताल के निर्माण के लिए 153.96 करोड रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी। इसके लिए नयी दिल्ली की एनबीसीसी लिमिटेड के साथ इकरारनामा किया गया। इसमें से लगभग 104 करोड की राशि की निकासी कर ली गयी है। आमदा में 500 बेड के अस्पताल का शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने 12 नवंबर 2011 में किया था। इकरारनामा के अनुसार इसे 26 फरवरी, 2014 को पूरा करना था, लेकिन अब भी अधूरा पडा है।
