कुचाई सीएचसी में साथी अभियान के तहत दिव्यांग
के लिए लगा निःशुल्क जांच शिविर, दिव्यांगों के प्रति समाज के
दृष्टिकोण को सकारात्मक बनाने की आवश्यकता है-बीडीओ
kuchai
झालसा (झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण), राँची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सरायकेला द्वारा कुचाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में साथी अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का विधिवत उदघाटन कुचाई प्रखंड बिकास पदाधिकारी साधु चरण देवगम, कुचाई चिकित्सा प्रभारी डॉ सुजीत कुमार मुर्मू एवं डॉ अजीत टुडू के द्वारा दीप प्रज्जलीप कर किया। मौके पर श्री देवगम ने कहा कि दिव्यांगता कोई अभिशाप नहीं, बल्कि जीवन की एक चुनौती है। जिस प्रकार हर मानव अपने जीवन को चलाने के लिए संघर्ष करता है।

उसी प्रकार दिव्यांगता को भी एक चुनौती मान कर काम करते रहने से ही वह व्यक्ति सफल होता है। उन्होंने कहा कि सफलता की कुंजी संघर्ष है। इसलिए हर एक कठिन काम को लक्ष्य के साथ पूरा करने के लिए व्यक्ति को हमेशा आगे रहना चाहिए। ऐसा करने से सफलता अवश्य मिलती है। श्री देवगम ने कहा कि दिव्यांगों के प्रति समाज के दृष्टिकोण को सकारात्मक बनाने की आवश्यकता है. तभी उन्हें सामान्य जनों की तरह विकास की मुख्य धारा में जुड़कर समाज में अग्रणी भूमिका में लाया जा सकता है। ऐसा करने से एक लक्ष्य के साथ काम पूरा होगा और सामाजिक समरसता बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि झालसा व डालसा का प्रयास सशक्तीकरण शिविर के माध्यम से लोगों को सशक्त बनाना है। इस शिविर का प्राथमिक उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों की निःशुल्क चिकित्सा जांच करना और जांच के उपरांत उन्हें दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रदान करना है। यह विशेष पहल 6 जुलाई से 20 जुलाई तक जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में चलाई जा रही है, जहाँ एक समर्पित मेडिकल टीम दिव्यांगजनों की जांच कर रही है। आज कुचाई प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित इस शिविर का लक्ष्य ग्रामीणों को स्वस्थ जांच और विकलांगता जांच के बाद प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना है। ताकि उन्हें सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जा सके। इसके अतिरिक्त, इस शिविर का एक और महत्वपूर्ण उद्देश्य कुचाई प्रखंड के दूरदराज के गाँवों में रह रहे बिरहोर जनजाति के सदस्यों को पीएलवी (पैरा लीगल वॉलंटियर) के माध्यम से मेडिकल कैंप तक लाना और उन्हें विधिक न्याय उपलब्ध कराना है। यह पहल हाशिए पर पड़े समुदायों तक स्वास्थ्य और कानूनी सहायता पहुँचाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। इस दौरान मुख्य रूप से बीडीओ साधु चरण देवगम, कुचाई चिकित्सा प्रभारी डॉ सुजीत कुमार मुर्मू, डॉ अजीत टुडू, मेवालाल होनहागा, पीएसबी मुकेश कुमार साहु, लक्ष्मी गुदूवा, सुयमाई सोय, रमेश कुम्हार, मोती मुंडा, सावित्री महतो आदि उपस्थित थे।
