खरसावां में 8 करोड़ की जलापूर्ति योजना अधूरी,
वर्ष 2023 में पूर्ण करना था, डेटलाइन के 22 माह बाद भी
अधुरा, पानी की आस में 18 मोहल्लों के 1726 परिवार,
kharsawan जल जीवन मिशन के तहत खरसावां प्रखंड के ग्रामीण परिवारों को नल से जल मुहैया कराने की योजना आज भी अधूरा है। ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत खरसावां प्रखंड के अंतर्गत खरसावां, कदमडीहा राजस्व ग्रामों को चिन्हित कर 8 करोड की लागत से ग्रामीण जलापूर्ति योजना चल रहा है। इसके तहत 1726 घरों में पाइप लाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुचाना है। वर्ष 2023 को इस योजना को पूर्ण करना था। लेकिन वर्ष 2024 में भी अधुरा है। परंतु डेटलाइन के 22 माह बाद भी योजना का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। इससे लोगों में नाराजगी देखा जा रही है। स्थानीय लोगों ने जिला के उपायुक्त से इस जलापूर्ति योजना का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूर्ण कर पाइप लाइन से घरेलू जलापूर्ति करने की मांग की है, ताकि गर्मी के मौसम में लोगों को पानी के लिये मसक्कत करना नहीं पड़े। स्थानीय लोगों के अनुसार गर्मी के पहले इस जलापूर्ति योजनाओं के पूर्ण होने की स्थिति में खरसावां की बडी आबादी को राहत मिलती।
विस में उठ चुका जलापूर्ति योजना की ”लेटलतीफी” का मामला
जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन खरसावां जलापूर्ति योजना की ””लेटलतीफी”” का मामला विधानसभा में उठ चुका है। तारांकित प्रश्न के जरिये मामले को उठाते हुए खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने सरकार से पूछा कि करीब 8 करोड़ की लागत वाली जलापूर्ति योजना का निर्माण कार्य 2023 में पूर्ण होना था, परंतु अबतक अधूरी है। कब तक जलापूर्ति योजना को पूर्ण कर घरेलू जलापूर्ति शुरू होगी.। इस पर विभाग ने जवाब में कहा कि एकरारनामा के अनुसार ग्रामीण जलापूर्ति योजना को 30 जून 2023 तक पूर्ण होनी थी। सड़क किनारे पाइप बिछाने एवं रोड क्रॉसिंग करने के लिए पथ निर्माण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र समय पर नहीं मिलने के कारण योजना को पूर्ण करने में विलंब हुई। वर्तमान में इस जलापूर्ति योजना की 85 फीसदी काम पूरी हो चुकी है। शेष कार्य को शीघ्र पूर्ण करते हुए अप्रैल 2025 तक इसे चालू कर दी जायेगी।
धीमी गति से चल रहा है जलापूर्ति योजना का कार्य
खरसावां के महत्वाकांशी जलापूर्ति योजना का कार्य देरी से चल रही है। जलापूर्ति योजना में पंप हाउस व जल मीनार का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। जबकि जलापूर्ति के लिये पाइप बिछाने का कार्य अभी ठीक ढंग से शुरु भी नहीं किया गया है। विभाग की ओर से अगले तीन-चार माह में योजना से घरेलू जलापूर्ति शुरु करने की बात कही जा रही है। जानकारी के अनुसार दोनों जलापूर्ति योजनाओं पर करीब 8 करोड रुपये खर्च हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस जलापूर्ति योजना के निर्माण कार्य में पारदर्शिता भी बरती नहीं जा रही है। योजना से संबंधित किसी तरह का योजना बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिससे योजना के संबंध में जानकारी मिल सके।
1726 परिवारों को मिलेगा पाइप लाइन से पानी
खरसावां जलापूर्ति योजना से कुल 18 मुहल्लों के 1726 परिवारों तक पाइप पाइन से पानी पहुंचाया जायेगा। इस योजना से बेहरासाही के 140, ब्लॉक कॉलोनी के 28, चांदनी चौक के 55, गोडासाई के 36, हाट टोला के 32, कदमडीहा के 125, पांचगछिया के 36, बाजारसाही के 112, ढ़ीपासाई के 172, दितसाही के 129, खंजाचीसाही के 89, कुम्हारसाही के 210, माहालीसाई के 115, मनुटोला के 65, पतिसाई के 89, तलसाही के 91, टुनियाबाड़ी के 127 व तुरीसाई के 75 परिवारों तक पाइप लाइन के जरीये पानी पहुंचाया जायेगा।
जलापूर्ति कार्य तकनीकि कारणों से हुई देरी-अश्विनी
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग खरसावां के कनीय अभियता अश्विनी सरदार ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत खरसावां में निर्माणाधीन जलापूर्ति योजना के कार्य तकनीकि कारणों से देरी हुई है। जलापूर्ति योजना को जल्द पूर्ण करने तथा पाइप लाइन से घरेलू जलापूर्ति चालू कराने का प्रयास किया जा रहा है।