पूर्व मुख्यमंत्री ने पदयात्रा कर किया शहीदों को नमन, समाधि
प्रेरणा का केंद्र, इसके इर्द-गिर्द लगाए गए पोस्टर बैनर राष्ट्र पूर्व प्रधानमंत्री
को श्रद्धांजलि हेतु शोक में यह सजावट कैसी ?-अर्जुन मुंड़ा
Kharsawan
खरसावां में शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि खरसावां की समाधि हम सबों के लिए प्रेरणा का केंद्र है। उन्होंने खरसावां शहीद स्मारक के इर्द-गिर्द सत्ता पक्ष के द्वारा लगाए गए पोस्टर बैनर की आलोचना करते हुए कहा कि जब राष्ट्र पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि देने के लिए शोक मना रहा है तो शोक में यह सजावट कैसी ? आज सुबह शहीद समाधि में पुष्प अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने इस स्थान की गरिमा को कायम रखने के लिए हमेशा प्रयत्न किया है।

आज धरतीपुत्र पुत्रों की शहादत का परिणाम है कि हमें यह दिन देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। पहले इसका रूप मात्र एक हाट बाजार का था। हमने अपना दायित्व निभाया और भारी विरोध के बावजूद शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए इसे एक शहीद पार्क का रूप दिया गया। हमारा प्रयास यह होना चाहिए कि हम राजनीति से परे इस शहीद बेदी की मर्यादा को बनाए रखें। उन्होंने कहा कि शहीदों की कुर्बानी कभी व्यर्थ नहीं जाती। जिन्होंने हमारे लिए खून बहाया हम अपने सामाजिक दायित्व का पालन करते हुए उनकी पवित्रता एवं शालीनता को बरकरार रखें। खरसावां शहीद स्मारक के आस-पास सत्ता पक्ष की सजावट की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय डॉक्टर मनमोहन सिंह के निधन के पश्चात संपूर्ण राष्ट्र मर्माहत है। राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को लेकर 7 दिनों का राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। इस अवसर पर पोस्टर बैनर के नाम पर राजनीति उनके लिए कदापि श्रद्धांजलि नहीं हो सकती। उन्होंने शहीदों की पहचान के लिए प्रशासन से एक कमीशन गठित करने की मांग की। इसके पहले खरसावां गौपबंधु चौक से पदयात्रा कर खरसावां स्माधि स्थल पहुचकर परंपरिक विधि विधान के तहत खरसावां के बीर शहीदों को श्रद्वाजंलि दी। इस अवसर पर श्री मुंडा की धर्मपत्नी मीरा मुंडा, भाजपा नेता जे बी तुबिद, पूर्व विधायक मंगल सिंह सोय, भाजपा जिला अध्यक्ष उदय सिंहदेव, विजय महतो, पूर्व विधायक शशि भूषण सामद, सत्येन्द्र कुम्हार, रतन महतो, रमेश हासदा, दुलाल स्वासी, संजय बसु सहित कई लोग शामिल थे।
