खरसावां-कुचाई के 9 कृषकों में सिल्क समग्र
योजना-2 के तहत किटपालक उपस्कर का वितरण, ग्रामीण
इलाकों में रोजगार के अवसर पैदा करना है-प्रमुख
kharsawan कोल्हान प्रमंडलीय क्षेत्र के 25 कृषकों में सिल्क समग्र योजना-2 के तहत किटपालक उपस्कर का वितरण किया जाएगा। इसी के तहत खरसावां अग्र परियोजना केन्द्र में खरसावां-कुचाई के 9 कृषकों के बीच किटपालक उपस्कर का वितरण किया। जिसका बीजागार भवन बन गया है। कृषकों में किटपालक उपस्कर का वितरण खरसावां प्रमुख मनेन्द्र जामुदा, जिला परिषद सदस्य सावित्री बानरा, कुचाई के उप प्रमुख सुखदेव सरदार एवं चाईबासा के सहायक उधोग निर्देशक रविशंकर प्रसाद, खरसावां अग्र परियोजना पदाधिकारी नितीश कुमार एवं पीपीओ प्रदीप महतो के द्वारा किया गया।

किसानों में एक नायलॉन नेट, दो सिकेचर, एक लाटर सोडियम हाईपो क्लोीरईट, 6 किलो ब्लीचिंग पाउडर, 60 किलो चूना, एक पीस गटोर स्प्रेयर व 9 पीस लाईफबॉय साबुन दिया गया। यह केन्द्रीय प्रयोजित योजना है। जिसमें भारत सरकार का योगदान 80 प्रतिशत, राज्य सरकार का योगदान 10 प्रतिशत तथा किसानो का योगदान 10 प्रतिशत है। लाभूक अपने योगदान के रूप में बास का उपयोग स्वंय करेगे। मौके पर श्री जामुदा ने कहा कि सिल्क समग्र योजना-2 रेशम उद्योग के विकास के लिए एकीकृत योजना है। इसका मकसद, ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर पैदा करना है। इसके अलावा, कच्चे रेशम की गुणवत्ता, उत्पादकता, और उत्पादन में सुधार करना भी इसका मकसद है। जबकि श्री सरदार ने कहा कि यह योजना किसानों और रेशम उत्पादकों को रेशम की उत्पादकता एवं गुणवत्ता बढ़ाने में मदद करने के लिए आधुनिक तकनीकों पर प्रशिक्षण प्रदान करती है। यह योजना किसानों के लिए बाजार संपर्क की सुविधा प्रदान करती है। जिससे उन्हें अपने रेशम के लिए बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिल सके। वही चाईबासा के सहायक उधोग निर्देशक रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कोल्हान प्रमंडलीय क्षेत्र में इस वर्ष 150 मैट्रिक टन तसर उत्पादन का लक्ष्य है। वही पीपीओ नितीश कुमार ने कहा कि खरसावां, कुचाई व चाडिंल क्षेत्र में 40 हजार बुनियादी बीज का वितरण कर चुके है। लगभग एक लाख अंडा उत्पादन का लक्ष्य है। उन्होने कहा कि इस वर्ष खरसावां-कुचाई में 150 मैट्रिक टन तसर उत्पादन का लक्ष्य है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 25 प्रतिशत तसर उत्पादन बढेगा। इसके अलावे अन्य किसानों में सिर्फ रोग मुक्त अंडा का वितरण किया गया। इस दौरान मुख्य रूप से खरसावां प्रमुख मनेन्द्र जामुदा, जिप सावित्री बानरा, कुचाई के उप प्रमुख सुखदेव सरदार, बीच सूत्री अध्यक्ष अजय सामड, चाईबासा के सहायक उधोग निर्देशक रविशंकर प्रसाद, खरसावां अग्र परियोजना पदाधिकारी नितीश कुमार, पीपीओ प्रदीप महतो, दिपु कुमार, निरज सिंह, रजनीश कुमार, राम पाडिया, राजकिशोर महतो सहित खरसावां-कुचाई के किसान उपस्थित थे।
