सरायकेला में तीन लाख के सामानों की चोरी करने मामले पर हुई सुनवाई, अदालत नेे तीन आरोपियों को तीन-तीन साल सश्रम कारावास की सजा एवं पांच हजार जुर्माना की सुनाई सजा,
Seraikella
सरायकेला।विद्यालय में 3 लाख रुपए की कीमत के सामानों की चोरी करने के एक मामले पर सुनवाई करते हुए सरायकेला जिला व्यवहार न्यायालय के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामाशंकर सिंह की अदालत नेे तीन आरोपियों को तीन-तीन साल( प्रत्येक को)सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसमे नेंगटासाई निवासी प्रसेनजीत सरदार, बड़ा गम्हरिया के प्रगतिनगर निवासी अभिजीत जेना एवं बड़ा गम्हरिया के गोराई पाड़ा निवासी राजेश नायक सामिल हैं।
न्यायालय ने सभी आरोपियों को भादवि की धारा 457 के तहत मामले का दोषी पाते हुए 3 साल सश्रम कारावास एवं ₹5000 जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं अदा कर पाने की स्थिति में 3 महीने अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। इसी प्रकार भादवि की धारा 380 के तहत दोषी पाते हुए तीनों आरोपियों को 3 साल सश्रम कारावास एवं ₹3000 जुर्माना तथा भादवि की धारा 414 के तहत दोषी पाते हुए 2 साल सश्रम कारावास और ₹500 जुर्माना की सजा सुनाई है। न्यायालय ने तीनों आरोपियों को उच्च न्यायालय में अपील करने के लिए 60 दिन की मोहलत देते हुए प्रोविजनल बेल ग्रांट किया है।
12 फरवरी 2020 की रात्रि घटी उक्त घटना के संबंध में उत्क्रमित उच्च विद्यालय नेंगटासाई गम्हरिया 2 के प्रभारी प्रधानाध्यापक शैलेंद्र कुमार की शिकायत पर सरायकेला थाने में थाना कांड संख्या 24/2020 के तहत मामला दर्ज कराया गया था। जिसमें प्रभारी प्रधानाध्यापक शैलेंद्र कुमार ने बताया था कि 12 फरवरी 2020 की रात्रि में ताला तोड़कर विद्यालय में चोरों द्वारा चोरी की गई। अगले दिन सुबह 9:00 स्कूल खोलने पहुंचे तो चोरी की घटना देखने के बाद इसकी सूचना सरायकेला थाना को दिए। उन्होंने बताया था कि अज्ञात चोरों द्वारा केवल विद्यालय का आईसीटी कंप्यूटर लैब रूम के दरवाजे की कुंडी तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया है।
