जिला स्तरीय बहु-हितधारक परामर्श बैठक का भव्य आयोजन, किशोर न्याय प्रणाली एवं पॉक्सो एक्ट पर हुई विस्तृत चर्चा
Seraikella
सरायकेला-खरसावां: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सरायकेला-खरसावां के तत्वावधान में “किशोर न्याय प्रणाली एवं पॉक्सो अधिनियम पर जिला स्तरीय बहु-हितधारक परामर्श बैठक” का आयोजन भव्य रूप से किया गया।

इस कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसे श्री रामाशंकर सिंह, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सरायकेला-खरसावां तथा अन्य गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से संपन्न किया।
इस अवसर पर श्री सिंह ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए POCSO मामलों में पीड़िता की जन्मतिथि के प्रमाण और किशोर न्याय अधिनियम अंतर्गत अभियुक्त की आयु निर्धारण पर विशेष बल दिया। साथ ही, पुलिस विभाग द्वारा केस डायरी के देर से जमा करने या अधूरी रिपोर्टिंग पर चिंता जताई और पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) श्री प्रदीप उरांव से इस पर गंभीरता से विचार करने को कहा। उन्होंने कार्यक्रम को संवादात्मक बनाने की अपेक्षा जताई और सभी उपस्थित प्रतिभागियों से विशेषज्ञों से सीखने की अपील की।
मुख्य संसाधन व्यक्ति श्री विकास दोदराजका, सदस्य, झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, रांची ने किशोर न्याय प्रणाली, बाल अधिकार, विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर गहन संवादात्मक सत्र का संचालन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और कानूनी समझ जरूरी है।
इस अवसर पर श्री दिलीप शॉ, मुख्य विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता, सरायकेला ने भी किशोर न्याय प्रणाली और पॉक्सो अधिनियम के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला और प्रतिभागियों के साथ एक इंटरैक्टिव सत्र का आयोजन किया।
श्री सुनीत कर्मकार, उप प्रमुख विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता, सरायकेला ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य प्रासंगिक कानूनों की बारीकियों को समझाया और प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया।
श्री तौसीफ मेराज, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सरायकेला-खरसावां ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची की विभिन्न योजनाओं पर जानकारी दी। उन्होंने सड़क दुर्घटना मामलों में विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट, हिट एंड रन मामलों में प्रथम दुर्घटना रिपोर्ट और झारखंड पीड़ित मुआवजा योजना, 2016 के तहत मुआवजा याचिका दाखिल करने की प्रक्रिया पर विस्तृत प्रकाश डाला।
इस महत्वपूर्ण परामर्श बैठक में पुलिस विभाग, जिला अस्पताल सरायकेला, चाइल्डलाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति, परा लीगल वॉलेंटियर्स, एवं अन्य संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
यह परामर्श बैठक न केवल किशोर न्याय प्रणाली और पॉक्सो अधिनियम की गहराई को समझने का माध्यम बनी, बल्कि कानून प्रवर्तन एवं सामाजिक कल्याण से जुड़े सभी हितधारकों के बीच समन्वय स्थापित करने का भी एक महत्वपूर्ण प्रयास रही।
