खरसावां में लगने वाले साप्ताहिक हाट कीचडमय में
तब्दील, गंदे जलभराव, गंदगी और कीचड़ से हाट व्यापारी,
दुकानदार और ग्रामीण काफी परेशान, प्रशासन मौन,
kharsawan खरसावां में प्रत्येक गुरूवार और शनिवार को लगने साप्ताहिक हाट कीचडमय में तब्दील हो चुका है। साप्ताहिक हाट परिसर में गंदे जलभराव, गंदनी और कीचडमय हाट मार्ग से हाट व्यापारी, दुकानदार और ग्रामीण काफी परेशान हो चुके है। दूसरी ओर प्रशासन के साथ साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौन है।

साप्ताहिक हाट के व्यापानियो, दुकानदारो और खरीदारों को गंदगी से भरा किचडमय मार्ग से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड रहा है। दूर दराज से ग्रामीण क्षेत्र से लोग यहां बाजार करने के लिए आते हैं।नाली का गंदा पानी सडक पर बहने से लोग काफी परेशान हैं। किसी को साफ-सफाई का समय नही है। जिसके कारण यहां गंदगी भरा रहता है। खरसावां साप्ताहिक हाट लावारिस हो चुका है। लगातार लोगों की शिकायत मिलने के बाजवूद प्रशासन भी गंभीर नहीं है। जहां तहां कचरों का अंबार लगा हुआ है। खरसावां साप्ताहिक हाट का मुख्य मार्ग, खरसावां छऊ नृत्य कला केन्द्र के द्वारा हाट में जाने वाले मार्ग्र, खरसावां-आमदा मुख्य मार्ग से हाट में प्रवेश वाला मार्ग किचडमय और पानी से भरा रहने से लोग परेशान है।

हाट में प्रवेश के लिए वैकल्पिक मार्ग तलाश रहे लोग
खरसावां साप्ताहिक हाट का मुख्य द्वार कीचडमय है। हाट परिसर में प्रवेश का मुख्य मार्ग में जंहा कीचडमय और गंदगी से भरा है। वही हाट परिसर में प्रवेश और निकासी के लिए लोग वैकल्पिक मार्ग तलाश रहे है। वही हाट के सभी द्वारो में किचड के साथ साथ पानी भरा है। वही गंदगी मार्ग को प्रदूर्षित कर रही है। सड़क में गंदे जलभराव और कीचड़ से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। गंदे पानी से उठती बदबू ने यहां लोगों का रहना दूभर कर दिया है। गंदे जलभराव और कीचड़ से आने जाने वाले लोगों को दूसरे रास्तों से निकलने को मजबूर होना पड़ है।
