कुचाई में धरती आबा जन जातीय ग्राम उत्कर्ष
अभियान के तहत योजनाओं का चयन करने हेतु बैठक, आदिवासी
का समग्र और सतत विकास सुनिश्चित करना उदेश्य-सोहन
kuchai कुचाई के मुंडा-मानकी सभागार में धरती आबा जन जातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत योजनाओं का चयन करने हेतु सरकारी निदेशानुसार एक अनिवार्य बैठक आईसीएफजी के केन्द्रीय सदस्य सोहन लाल कुम्हार तथा बिर बन्धु सह प्रखंड प्रभारी भरत सिंह मुंडा के उपस्थिति में किया गया। मौके पर श्री कुम्हार ने कहा कि धरती आबा जन जातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से सामाजिक बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका में महत्वपूर्ण अंतराल को भरना है; और आदिवासी क्षेत्रों और समुदायों का समग्र और सतत विकास सुनिश्चित करना है। इस दौरान केन्द्रीय सरकार द्वारा माँगी गई योजनाओं को चयन करने का निर्णय लिया गया। केन्द्र सरकार ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजी है जिसके आलोक में मुख्य सचिवों ने सभी उपायुक्तों को उपयुक्त योजनाओं का चयन करने हेतु निदेशित किये हैं। वही भरत मुंडा ने कहा कि जिन-जिन ग्रामों में वनाधिकार कानून 2006 के तहत सामुदायिक तथा व्यक्तिगत वनाधिकार प्रमाण-पत्र निर्गत किये गये हैं। उन्हीं ग्रामों में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष आभियान योजना के तहत योजनाओं का चयन किया जाना है। अंचल निरीक्षक ने जानकारी दिया कि किन-किन योजनाओं का चयन किया जाना है। इन्होने यह भी कहा कि जिन ग्रामों में व्यक्तिगत और सामुदायिक वनाधिकार प्रमाण-पत्र मिला है या वनाधिकार से सम्बंधित ग्राम है। उन मे ही योजनाओं का चयन कर 14 अप्रैल तक प्रतिवेदन अंचल कुचाई में जमा करना है। जबकि प्रखंड कृर्षि पदाधिकारी ने भी अवगत कराया कि व्यक्तिगत वन पट्टाधारियों को भी कृर्षि लाभ मुहाया कराया जा सकता है। साथ ही साथ सामुदायिक वनाधिकार वन पट्टा प्राप्त ग्राम सभाओं को भी वृक्षारोपण, लैण्ड लेवलिन तथा अन्यन्य योजनाए मुहाया कराया जा सकता है। इस दौरान वन पट्टा प्राप्त खाली वन भूमियों पर फलदार वृक्षों का रोपण तथा नर्सरी तैयार करने, वनो में आग लगने पर रोकथाम के लिये ग्राम सभाओं को निधि उपलब्ध कराने, सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण, सम्बर्धन, पुनुरुज्जीवित, उपयोग तथा प्रबंधन के लिये प्रशिक्षण का सुनिश्चित करने, पर्यटन के लिए योजना लेने, जल संचय के लिये तलाब तथा चौकडैम का निर्माण कराने, जैब बिविधताओं के संरक्षण के लिये गुफाओं तथा आवासों का निर्माण कराने, व्यक्तिगत वन पट्टा प्राप्त वनाश्रितों के लिए भूमि समतलीकरण, पक्का आवास, वृक्षारोपण, आयुष्मान कार्ड, शौचालय निर्माण, मत्स्य पालन के लिये प्रशिक्षण देने की जानकारी दी। वही सोहन लाल कुम्हार तथा भरत सिंह मुंडा ने ग्राम सभाओं को सशक्तिकरण करने, सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समिति का गठन करने, नियम तैयार करने, सामुदायिक वन संसाधनों के मैप तैयारी करने, लघु योजना तैयार करने, बोर्डगाड़ी करने, बाल अखंड़ा गठन करने, महिला समूह का गठन करने तथा जैविक किसान समिति का गठन करने की जानकारी दी। इस बैठक में ग्राम डांगो, भुरकुण्डा, रामायसाल, बड़ा बाण्डीह, पुनीबुढी़, गालुडीह, जिलिंगदा, रायसिंहदिरी, तिलोपदा, पागारडीह, मांगुडीह, गुम्पु, रेगाडीह तथा सुराबेड़ा के मुंडा-मानकी और सामुदायिक वन पालन समिति के अध्यक्ष सचिव के साथ साथ मुख्य रूप से सुखराम मुंडा, रामकृष्ण मुंडारी, भरत मुंडा, लक्ष्मण सोय, मोहन लाल भूमिज, तुलसी मुंडा, मानकी बांडरा, दामु मुंडा, रामेश मुंडा, पागारी सोय, करण हेम्ब्रोम, जामुना मुंडा, गुलाब सिंह मुंडा, बादल डांगिल, जगमोहन सोय, रुपु मुंडा, सुरेश सोय आदि उपस्थित थे।
October 23, 2026 9: 04 am
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