खरसावां में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के
तहत चार हजार निरक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य, प्रखंड
के 117 विद्यालयों में 23 मार्च को होगी परीक्षा,
Kharsawan
खरसावां प्रखंड संसाधन केन्द्र में गुरूवार को उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम को लेकर एक बैठक प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी नवल किशोर सिंह की अध्यक्षता में की गई। मौके पर श्री सिंह ने कहा कि खरसावां प्रखंड में चार हजार निरक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जिसके लिए खरसावां प्रखंड के 117 विद्यालयों में परीक्षा केन्द्र बनाया गया है। जिसमें आगामी 23 मार्च रविवार को साक्षर बनाने के लिए परीक्षा होगी। साक्षर परीक्षा को सफल बनाने के लिए परीक्षा केन्द्रो में केंद्रीयधीक्षक एवं वीक्षक की प्रतिनियुक्ति की गई। उन्होने कहा कि उल्लास कार्यक्रम को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि साक्षरता ही जीवन का कर्म है एवं इसका क्रम कभी नहीं टूटना चाहिए। अतः चार हजार निरक्षरों को साक्षर करने की दिशा में हमें चुनौती लेना है। परीक्षा का उद्देश्य 15 वर्ष से ऊपर आयु वर्ग के निरक्षरों को आजीवन सीखने को बढ़ावा देना है। यू-डायस पोर्टल पर पंजीकृत विद्यालय इस परीक्षा में शामिल होंगे। श्री सिंह ने कहा कि नव भारत साक्षरता कार्यक्रम को उल्लास के नाम से भी जाना जाता है। निदेशालय से जारी निर्देश पर इसको लेकर परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा में पढ़ना-लिखना और संख्या ज्ञान शामिल रहेगा। नव भारत साक्षरता कार्यक्रम परीक्षा में परीक्षार्थी प्रात 10 बजे से सायं पांच बजे तक किसी भी समय शामिल हो सकते है। परीक्षा 150 अंकों की होगी। परीक्षा में सफल होने वाले लोग पढ़े लिखे माने जाएंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य हम ऐसे भी समझ सकते हैं कि साक्षर अपना काम स्वयं कर सके, पढ़ाई का माध्यम ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों हो सकता है तथा आज के समय में ऑनलाइन फ्रॉड केस बढ़ रहे हैं तथा भारत डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ रहा है अतः ज़रूरी है कि प्रत्येक व्यक्ति को मोबाइल बैंकिंग, व्यवहारिक ज्ञान, अच्छे बुरे की समझ एवं स्वयं पर विश्वास होना चाहिए अतः बुनियादी शिक्षा कौशल, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता देश हित से जुड़ा हुआ सशक्त माध्यम है। ब्लाक में सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया कि निर्धारित तिथि पर परीक्षा सकुशल संपन्न कराते हुए कापियों को बीआरसी पर जमा करें। इस दौरान मुख्य रूप से बीईईओ नवल किशोर सिंह, बीपीओ पंकज कुमार महतो, बीआरपी राजेन्द्र गोप, प्रियारंजन महतो, सीआरपी सरोज मिश्रा, गोपाल शतपति, सुभाष चन्द्र प्रधान सहित विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक व शिक्षिका उपस्थित थे।