खरसावां में 18 तसर किसानों का पांच दिवसीय क्षमता
निर्माण प्रशिक्षण शुरू, आधुनिक तकनीकों की दी जानकारी,
तसर किसानों को आत्मनिर्भर बनाए जाएगा-प्रदीप महतो,
Kharsawan
खरसावां प्रखंड अंतर्गत बुनियादी बीज प्रगुणन एवं प्रशिक्षण केंद्र खरसावां में सेंट्रल सिल्क बोर्ड के तत्वावधान में तसर रेशम किसानों के लिए पांच दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण शिविर शुरू हो चुका है। इस प्रशिक्षण शिविर का विधिवत उदघाटन हाटगम्हारिया के अग्र परियोजना पदाधिकारी प्रदीप कुमार महतो, खरसावां के अग्र परियोजना पदाधिकारी नितीश कुमार, वैज्ञानिक-बी सबुज गांगुली, वैज्ञानिक-बी डुकरे प्रदीप गुलाबराव एवं फील्ड अस्स्टिेट राजकुमार साहू ने द्वारा दी प्रज्वलित कर किया। मौके पर श्री महतो ने कहा कि तसर की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे कोल्हान क्षेत्र में प्रचार प्रसार किया जा रहा है। कोल्हान के किसानों को आत्मनिर्भर बनाए जाएगा। किसानों को ज्यादा से ज्यादा आमदनी हो किसान अपनी परिवार की जिम्मेवारी अपने आय दुगुनी इजाफा हो इसके लिए प्रयास किया जाएगा। जबकि श्री कुमार ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण शिविरों का उद्देश्य तसर किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें उन्नत तकनीकों से जोड़कर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। वही श्री गांगली ने कहा कि झारखंड की जमीन और मौसम ऐसा है ही यहां पर लगभग हर चीज की खेती की जा सकती है। यहां घने जंगल भी है जिसका भी लाभ क्षेत्र के किसानों को मिलता है। इसका लाभ उठाए। जबकि श्री गुलाबराव ने कहा कि तसर की खेती किसानों के लिए बेहद उपयोगी है। क्योंकि यह कम निवेश में अतिरिक्त आय का जरिया है। जो पलायन रोकने, महिलाओं और ग्रामीण आबादी को रोजगार देने, और बेहतर आर्थिक स्थिति बनाने में मदद करती है। साथ ही आधुनिक तकनीक से उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाकर लाखों की कमाई संभव है। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को तसर रेशम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई। इसमें तसर रेशम कीट पालन में, एलएसएम (पत्ती की सतह के सूक्ष्मजीव), बीज उत्पादन, कीट प्रबंधन, रोग नियंत्रण, कोकून उत्पादन, पौध संरक्षण, वैज्ञानिक पद्धति से तसर पालन एवं गुणवत्ता सुधार जैसे विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों द्वारा बताया गया कि वैज्ञानिक तरीके अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन संभव है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सकती है। प्रशिक्षकों ने किसानों को तसर उत्पादन से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं का समाधान भी बताया तथा उन्हें सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और अनुदानों की जानकारी दी। किसानों को प्रशिक्षण के दौरान तकनीकी सामग्री एवं आवश्यक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया गया। इस दौरान मुख्य रूप से हाटगम्हारिया के पीपीओ प्रदीप कुमार महतो, खरसावां के पीपीओ नितीश कुमार, वैज्ञानिक-बी सबुज गांगुली, वैज्ञानिक-बी डुकरे प्रदीप गुलाबराव एवं फील्ड अस्स्टिेट राजकुमार साहू सहित कुचाई के लोप्टा व ब्याग के 18 किसान उपस्थित थे।
October 22, 2026 8: 16 am
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