खरसावां के खिलाडीसाई व चिलकू और सरायकेला के पांड्रा व
व पठानमारा में सामाजिक सरोकार पर नुक्कड़ नाटक में महिला सुरक्षा
का गूंजा संदेश, कहा-चुप्पी तोड़ डटकर करो गलत का विरोध
kharsawan
झारखण्ड राज्य स्थापना दिवस की 25 वीं वर्षगांठ के अवसर पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग सरायकेला खरसावां के निर्देशानुसार शुक्रवार को छऊ नृत्य कला केंद्र के कलाकारों ने खरसावां प्रखंड के हरिभंजा पंचायत के खिलाडीसाई एवं चिलकू पंचायत के चिलकू और लोक कला मंच खरसावां के कलाकारों ने सरायकेला प्रखंड के पांड्रा और पठानमारा गांव में सामाजिक सरोकार पर जागरूकता नुक्कड़ नाटक (नुक्कड़ नाटक) सामाजिक मुद्दों जैसे स्वच्छता, नशा मुक्ति, और महिला सुरक्षा पर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया।

नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से कलाकारों ने महिला सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया है। इन नाटकों में महिलाओं और बालिकाओं को छेड़खानी, उत्पीड़न और साइबर अपराध जैसी समस्याओं के प्रति जागरूक किया गया है। प्रस्तुतियों ने महिलाओं को सशक्त होने, अपनी आवाज़ उठाने और मदद मांगने के लिए प्रेरित किया है, साथ ही समाज को भी महिलाओं के प्रति सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी का एहसास कराया है। कलाकारो ने नुक्कड़ नाटक कर महिला सुरक्षा का गूंजा संदेश, कहा- चुप्पी तोड़ डटकर करो गलत का विरोध करे। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कलाकारों ने सड़क दुर्घटना होने पर तुरंत अस्पताल ले जाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस तरह के नाटक आम तौर पर सड़क सुरक्षा जैसे सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर प्रस्तुत किए जाते हैं। इस नाटक ने लोगों को यह सिखाया कि दुर्घटना की स्थिति में, घायल व्यक्ति को तुरंत मदद और अस्पताल पहुंचाने की आवश्यकता होती है। इसके अलावे उन्हे खून की जरूरत पडने पर रक्तदान करने की अपील की गई। नुक्कड़ नाटक में लोगों से रक्तदान करने की अपील की गयी। नाटक के दौरान दर्शकों को रक्तदान के फायदे भी बताये गये। वही सामाजिक मुद्दों, नशा मुक्ति, और महिला सुरक्षा, किसी की दुर्घटना होने पर तुरंत अस्पताल पहुचाने और रक्तदान करने की शपथ दिलाया गया।
