खरसावां-कुचाई के 550 कृषकों को मिलेगा तसर खेती
की जानकारी, खरसावां के कृषकों का पुनश्चर्या प्रशिक्षण शुरू, तसर
के क्षेत्र में खरसावां को बनाएंगे आत्मनिर्भर-रवि शंकर प्रसाद,
kharsawan
हस्तकरघा, रेशम व हस्तशिल्प निदेशालय के द्वारा खरसावां के अग्र परियोजना परिसर में खरसावां-कुचाई के 550 तसर कृषकों को आधुनिक तसर खेती की जानकारी दी जाएगी। खरसावां में 25 किसानों का तीन दिवसीय पुनश्चर्या (गैर आवासीय) प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। इस पुनश्चर्या प्रशिक्षण शिविर का विधिवत उदघाटन चाईबासा के सहायक उधोग निदेशक (तसर) रवि शंकर प्रसाद, जिला परिषद सदस्य सावित्री बानरा एवं खरसावां के अग्र परियोजना पदाधिकारी नितीश कुमार ने दीप प्रज्जलीप कर किया। जल्द ही कुचाई के तसर कृषकों का प्रशिक्षण शुरू होगा।

मौके पर श्री प्रसाद ने कहा कि सरकार ने कीट पालकों की जीवकोपार्जन के लिए कई कदम उठाए हैं। कोल्हान के अग्र परियोजना केंद्र के कमांड क्षेत्र के रेशम कीट पालकों को वैज्ञानिक तरीके से तकनीकी रूप से निपुण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खरसावां-कुचाई के जंगलों में अर्जुन, आसन एवं शॉल के वृक्ष प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। तसर की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। कोल्हान के किसानों को आत्मनिर्भर बनाए जाएगा।

किसानों को ज्यादा से ज्यादा आमदनी हो किसान अपनी परिवार की जिम्मेवारी अपने आय दुगुनी इजाफा हो इसके लिए किसानों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। वही खरसावां के अग्र परियोजना पदाधिकारी नितीश कुमार ने बताया कि तसर किसानों को नई तकनीक से तसर की खेती करने की जानकारी दी जाएगा। खरसावां प्रखंड के 300 तसर कृषकों और कुचाई के 250 तसर कृषकों को 25-25 का ब्रेच बनाकर प्रशिक्षण दिया जाएगा। आज खरसावां के पहला ब्रेच का प्रशिक्षण शुरूआत की गई। मौके पर परियोजना प्रबंधक सीमा र्तिकी, टेªनिंग प्रभारी विनिता कुमारी, प्रशिक्षण कोडिनेटर अशोक मुंडा ने प्रशिक्षक की भुमिका निभाते हुए किसानों को खेती के नए-नए तकनीक की जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को नई तकनीक अपना कर अधिक उपज करने की बात बताई गई, ताकि तसर की खेती कर किसान अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकें। इस दौरान जिप श्रीमति बानरा ने भी किसानों का हौसला बढ़ाया। इस प्रशिक्षण शिविर में मुख्य रूप से सहायक उधोग निदेशक रवि शंकर प्रसाद, जिप सावित्री बानरा, अग्र परियोजना पदाधिकारी नितीश कुमार, दीपु कुमार, लाल मोहम्मद अंसारी, रिज सिंह, रंजनीश कुमार, कुलूराम पाडिया आदि तसर कृषक उपस्थित थे।
