*उपायुक्त ने जिला स्तरीय माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक— अवैध खनन एवं परिवहन पर सख्त निगरानी, दोषियों पर कठोर कार्रवाई हेतु स्पष्ट निर्देश,
Seraikella
जिले में अवैध खनन तथा बालू–पत्थर के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला स्तरीय माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री मुकेश लूणायत, अपर उपायुक्त श्री जयवर्धन कुमार, जिला खनन पदाधिकारी श्री ज्योति शंकर सतपथी, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला–चांडिल, जिला परिवहन पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, सभी अंचल अधिकारी एवं थाना प्रभारी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान जिला खनन पदाधिकारी श्री ज्योति शंकर सतपथी ने अवगत कराया कि बीते माह सितंबर में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 07 ट्रैक्टर, 03 जेसीबी, 01 ट्रक, 09 हाईवा, 02 हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर तथा 02 डंपिंग मशीन जब्त की गई हैं। इस कार्रवाई के क्रम में लगभग 7.5 लाख घनफुट बालू जप्त किया गया है, साथ ही छह वाहनों से ₹2.45 लाख दंड स्वरूप वसूल किए गए हैं तथा 07 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में अवैध खनन, उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन पर पूर्ण नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अंचल अधिकारी एवं थाना प्रभारी खनन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर नियमित रूप से संयुक्त जांच अभियान संचालित करें तथा जहाँ कहीं भी अवैध खनन या परिवहन की सूचना प्राप्त हो, वहाँ तत्काल छापामारी कर दोषियों के विरुद्ध नियमसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि मिलन चौक, तिरुलडीह चेकपोस्ट एवं अन्य स्थानों पर मजिस्ट्रेट एवं पुलिस बल की सतत (24×7) तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि अवैध परिवहन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। उन्होंने चांडिल क्षेत्र में अवैध खनन एवं परिवहन पर विशेष निगरानी रखने, CCTV कैमरों की संख्या बढ़ाने तथा उनकी नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
साथ ही, उपायुक्त ने जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देशित किया कि खनिज परिवहन में लगे सभी वाहनों का ढलाई (लोड) पूर्णतः सुरक्षित रूप से ढका हुआ होना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था न केवल पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से आवश्यक है, बल्कि इससे सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सड़कों पर बालू या पत्थर के गिरकर गंदगी फैलने की समस्या से भी प्रभावी रूप से बचा जा सकेगा।
उपायुक्त ने आगे कहा कि जिले में अवस्थित सभी बालू स्टॉक यार्डों का औचक निरीक्षण किया जाए और यदि किसी यार्ड में अवैध भंडारण या बिना प्राधिकृत स्रोत के बालू संग्रहण पाया जाता है, तो नियमों के अनुरूप कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी स्टॉक यार्ड यह सुनिश्चित करें कि बिना बीटीएस (Vehicle Tracking System) युक्त वाहन को बालू का उठाव नहीं दिया जाए, ताकि वाहनों की नियमित ट्रैकिंग एवं निगरानी संभव हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि जप्त बालू की नीलामी प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए, जिससे राजस्व की प्राप्ति सुनिश्चित की जा सके। साथ ही, सूचना तंत्र को और सुदृढ़ करते हुए प्राप्त सूचनाओं के आधार पर संयुक्त अथवा औचक निरीक्षण टीमों द्वारा नियमित छापामारी अभियान संचालित किया जाए, ताकि अवैध खनन से संबंधित किसी भी गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
इस दौरान उपायुक्त ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले में किसी भी परिस्थिति में अवैध खनन, परिवहन अथवा भंडारण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है और इसके लिए संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्वपूर्ण दृष्टिकोण से कार्य किया जाना आवश्यक है।
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री मुकेश लूणायत ने कहा कि यदि किसी भी क्षेत्र से अवैध खनन या परिवहन की सूचना प्राप्त होती है, तो अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी तत्काल संयुक्त कार्रवाई दल गठित कर पर्याप्त पुलिस बल एवं संसाधनों के साथ गोपनीय छापामार कार्रवाई करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जब्त वाहनों, मशीनों एवं संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर न्यायालय में शीघ्र प्रस्तुतिकरण सुनिश्चित किया जाए।
अंत में उपायुक्त ने कहा कि जिले में अवैध खनन की रोकथाम हेतु सभी विभाग संवेदनशीलता एवं समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि जिले में इस प्रकार की गतिविधियों पर पूर्णतः नियंत्रण स्थापित किया जा सके और खनिज संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
