चाईबासा नो इंट्री का विवाद गरमाया, ग्रामीणों
पर पुलिस के द्वारा लाठीचार्ज के विरोध का दिखा असर,
डे़ढ घंटा खरसावां और एक घंटा कुचाई रहा बंद,
kharsawan-kuchai
चाईबासा नो इंट्री का विवाद धीरे धीरे गरमाने लगा है। पुलिस और ग्रामीणों में बहस के बाद ग्रामीणों पर पुलिस के द्वारा लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोडे जाने के विरोध में बुधवार में खरसावां और कुचाई में बंद का असर दिखा। खरसावां में आदिवासी संगठनों ने सडक पर निकलकर दुकान बंद कराया। साथ ही खरसावां चांदनी चौक पर धरना प्रदर्शन कर वाहनों को रौका गया।

जिससें लगभग खरसावां में लगभग डे़ढ घंटा बंद रहा। आदिवासी संगठनों ने सुबह 10 बजे खरसावां चांदनी चौक पर सडक पर उतरकर दुकाने बंद करवाया। इसके बाद चांदनी चौक परिसर में धरना प्रदर्शन कर वाहनों को रोका। लगभग डे़ढ घंटे के बाद खरसावां प्रखंड बिकास पदाधिकारी प्रधान माझी, अंचल अधिकारी कप्तान सिंकू एवं खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार पहुचकर आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों को समझाया। जिसके बाद 11.30 बजे बंद को वापस लिया गया।

खरसावां बंद कराने वालों में मुख्य रूप से मनोज कुमार सोय, महेश मिंज, डबुआ सोय, नागेन सोय, सालेन सोय, विर सिंह सिजुई, रामलाल हेंब्रम, सोरदा इचागुटु, सुरेंद्र सरदार, अमर ओरांव, सूरज हेंब्रम, तूराम बोयपाई, लाल सिंह हेंब्रम, श्याम सोय, जीवन सोय, शिवा कुरली, अरविंद कुमार सोय, गणेश बांकीरा, उपेन्द्र सरदार, लखिन्द्र सरदार, संजय सोय, सन्नी सोय, मानसिंह बांकीरा, बबलू सोय, मिसरो सरदार, हरिवंश लकड़ा, सालेन सोय, सुरा हेंब्रम आदि शामिल थे। जबकि कुचाई में बंद का असर देखा गया। भाजपाईयों ने सड़क पर उतर कर आगजनी कर बंद को सफ़ल बनाने का प्रयास किया गया था। प्रदर्शनकारियों द्वारा सड़कों पर आगजनी की गई थी। साथ ही दुकानों को बंद करवाया। भाजपाईयों के विरोध के कारण कुचाई में सुबह 10 बजे सड़क पर उतरे और कुचाई बजार में टायर जलाकर उन्होंने प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की है। जिसके कारण सुबह 10 बजे से 11 बजे तक एक घंटा कुचाई बंद रहा। कुचाई बंद कराने वाले भाजपाईयों मे लाल सिंह सोय, झिंगी हेंब्रम, कृष्ण सोय, राहुल दास, डुमू गोप, सत्येंद्र कुम्हार, आशु मुंडा, दिनेश महतो, मधु दास, नसनसिंह सोय मुंडा आदि उपस्थित थेे।
